बुधवार, 11 सितंबर 2013

181 पर 2,39,106 शिकायतें ,ख़ुशी की बात या शर्म की

181 पर 2,39,106 शिकायतें 
हेल्प लेने में झिझक नहीं रहीं महिलाएं 


इसमें सभी अखबार वाले जो ढोल बजाकर बजाकर कह रहे हैं कि अब महिलाएं हेल्प लेने लगी हैं और एक हेल्पलाइन 181 पर 2,39,106 कॉल अभी तक आ चुके हैं | 
  • नवभारत टाइम्स के अनुसार सोमवार शाम तक 181 नंबर पर 44106 गंभीर मामलों की शिकायत आ चुकी है |
  • सबसे ज्यादा मामले अश्लील कॉल के और डोमेस्टिक वायलेंस के हैं | आगे बताते हैं कि इस हेल्पलाइन को सुनने वालों की संख्या बढ़ाने की सोच रहे हैं क्योंकि सुबह से शाम तक यहाँ घंटी बजती ही रहती है |
सोचने का विषय यह है कि 
  • इतने कानून बनाने के बावजूद भी इतनी कॉल क्यों ?
  • अभी भी नारी का कोई उत्थान क्यों नहीं हुआ है ?
  • नारियां अभी भी खुद को असुरक्षित क्यों समझती हैं ?
  • रात को घर से बाहर निकलने में क्यों डरती हैं ?
  • अभी भी बलात्कार के केस रोज सुनने को मिल रहे हैं क्यों?
हेल्पलाइन की अगर जरुरत पड़ती ही है तो या तो कोई उठाता नहीं या फिर कोई पुरूष कर्मी महिला हेल्पलाइन को उठाता है ,अगर गलती से बात हो तो लाइन बिलकुल भी क्लियर नहीं कि कोई उसमें उचित समय पर सूचित कर हेल्प ले सके ,यह इतने बड़े संघर्ष के बाद वहां की व्यवस्था है यहाँ 16 दिसंबर को गैंग रेप हुआ था |
आखिर कब तक ऐसा ही चलेगा सरकार को अपने विकास कार्यों की उपलब्धियां गिनाने से फुर्सत ही नहीं कब होगा इन सबका मानसिक विकास ताकि यह वोट की राजनीति से बाहर आकर कुछ उचित सोच सकें और फिर उचित निर्णय ले सकें |मुझे यह सोचकर हैरानी है कि यह उपलब्धि है कि हेल्पलाइन पर इतने कॉल आ रहे हैं या शर्म का विषय है |